सीमेंट प्लांट, होटल, बिजली, रियल एस्टेट… गौतम अडानी की झोली में गिरने वाली है यह दिग्गज कंपनी!

नई दिल्ली: गौतम अडानी की अगुवाई वाला देश का तीसरा बड़ा औद्योगिक घराना अडानी ग्रुप तेजी से अपना विस्तार कर रहा है। यह ग्रुप अब कर्ज में डूबी कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) को खरीदने की तैयारी में है। अडानी ग्रुप ने इसे खरीदने के लिए बिना शर्त बोली लगाई है और अब इसके सौदे के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) से मंजूरी मांगी है। जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड पर 50,000 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज है। यह कंपनी अभी अभी दिवाला प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही है। कंपनी अपना कर्ज चुकाने में असमर्थ है और इसे खरीदने के लिए अडानी ग्रुप समेत कई दूसरी कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है।

पीटीआई के मुताबिक CCI को दी गई जानकारी के अनुसार अडानी ग्रुप इस ग्रुप के 100% शेयर खरीदना चाहता है। यह खरीदारी अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और अडानी इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की जाएगी। या फिर अडानी ग्रुप की कोई और कंपनी भी इसे खरीद सकती है। अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड का मुख्यालय अहमदाबाद में है। जयप्रकाश एसोसिएट्स एक बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी है। यह इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन, सीमेंट, बिजली, रियल एस्टेट और होटल जैसे क्षेत्रों में काम करती है।

कौन-कौन हैं रेस में

अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेवलपर्स और जयप्रकाश एसोसिएट्स ने CCI को बताया है कि इस सौदे से बाजार में प्रतिस्पर्धा पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। पिछले महीने, डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड ने भी CCI से जयप्रकाश एसोसिएट्स को खरीदने की मंजूरी मांगी थी। डालमिया सीमेंट, जयप्रकाश एसोसिएट्स की पूरी हिस्सेदारी खरीदना चाहता है। इसमें जयप्रकाश एसोसिएट्स की संपत्ति और उसकी सहायक कंपनियों और संयुक्त उद्यमों में हिस्सेदारी भी शामिल है।

पहले, जयप्रकाश एसोसिएट्स के कर्जदाताओं ने जेपी इन्फ्राटेक के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था जिसमें उसने जयप्रकाश एसोसिएट्स को खरीदने की बात कही थी। पांच कंपनियों – अडानी एंटरप्राइजेज, वेदांता ग्रुप, डालमिया भारत सीमेंट, जिंदल पावर और PNC इन्फ्राटेक ने जयप्रकाश एसोसिएट्स को खरीदने के लिए अपनी योजनाएं पेश की हैं।

कितना है कर्ज?

जयप्रकाश एसोसिएट्स को 3 जून, 2024 को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल, इलाहाबाद बेंच के आदेश के बाद दिवाला प्रक्रिया में शामिल किया गया था। जयप्रकाश एसोसिएट्स दिवाला प्रक्रिया में इसलिए ले जाया गया क्योंकि कंपनी अपना कर्ज चुकाने में विफल रही थी। कंपनी पर कुल 57,185 करोड़ रुपये का कर्ज है। नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) कर्जदाताओं की सूची में सबसे ऊपर है। NARCL ने भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले कर्जदाताओं के समूह से जयप्रकाश एसोसिएट्स का कर्ज खरीदा है।

जयप्रकाश एसोसिएट्स के पास ग्रेटर नोएडा में जेपी ग्रीन्स, नोएडा में जेपी ग्रीन्स विशटाउन और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स सिटी जैसी बड़ी रियल एस्टेट परियोजनाएं हैं। इसके अलावा दिल्ली-NCR में इसके तीन कमर्शियल/इंडस्ट्रियल ऑफिस स्पेस हैं। होटल के क्षेत्र में, दिल्ली-NCR, मसूरी और आगरा में इसके पांच होटल हैं।

सीमेंट प्लांट

जयप्रकाश एसोसिएट्स के मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में चार सीमेंट प्लांट हैं। इसके अलावा, मध्य प्रदेश में कुछ लीज पर ली गई चूना पत्थर की खदानें भी हैं। हालांकि सीमेंट प्लांट अभी काम नहीं कर रहे हैं। जयप्रकाश एसोसिएट्स ने अपनी सहायक कंपनियों में भी निवेश किया है। इनमें जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड, यमुना एक्सप्रेसवे टोलिंग लिमिटेड, जेपी इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड और कई अन्य कंपनियां शामिल हैं। जेपी ग्रुप की जेपी इन्फ्राटेक को पहले ही मुंबई स्थित सुरक्षा ग्रुप ने दिवाला प्रक्रिया के माध्यम से खरीद लिया है। सुरक्षा ग्रुप को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लगभग 20,000 फ्लैटों की रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करना है।


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