150 करोड़ का दबाव और अहमदाबाद का डर!’ अख्तर और गुल ने टीम इंडिया को चेताया, कीवियों को बताया खतरनाक

अहमदाबाद: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाजों शोएब अख्तर और उमर गुल ने भारतीय टीम पर दबाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका मानना है कि अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम और 150 करोड़ भारतीयों की उम्मीदें टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकती हैं।

150 करोड़ लोगों की उम्मीदों का पहाड़

रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर शोएब अख्तर ने कहा कि भारत निस्संदेह खिताब का दावेदार है, लेकिन अहमदाबाद का पिछला रिकॉर्ड उनके दिमाग में जरूर होगा। अख्तर ने एक शो में कहा, ‘भारत पर 1.5 बिलियन लोगों का दबाव है। वे पहले भी इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया से वर्ल्ड कप फाइनल हार चुके हैं। अगर न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 225-250 का स्कोर बना दिया, तो भारत भारी दबाव में आ जाएगा।’ हालांकि, अख्तर ने यह भी जोड़ा कि क्रिकेट की बेहतरी के लिए अब समय आ गया है कि न्यूजीलैंड भी एक वर्ल्ड कप जीते।

उमर गुल ने याद दिलाई न्यूजीलैंड की टेस्ट जीत

पूर्व पाकिस्तानी पेसर उमर गुल ने कीवी टीम के आत्मविश्वास पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘न्यूजीलैंड का गेंदबाजी आक्रमण बहुत मजबूत है। उन्होंने हाल ही में भारत में टेस्ट सीरीज जीती है, जिससे उन्हें भारतीय स्पिन ट्रैक पर खेलने का अच्छा अनुभव और आत्मविश्वास मिला है। भारतीय टीम के मन में यह बात जरूर होगी कि ये वही टीम है जिसने हमें हमारे घर में हराया था।’ गुल के अनुसार, घरेलू दर्शकों का शोर कभी-कभी समर्थन के बजाय दबाव का कारण बन जाता है।

अहमदाबाद का खौफ और पार स्कोर का गणित

अख्तर ने तकनीकी पहलू पर बात करते हुए कहा कि अगर अहमदाबाद की विकेट पर गेंद ग्रिप करती है और स्पिनर्स को मदद मिलती है, तो 175-200 का स्कोर भी चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन सुरक्षित रहने के लिए भारत को 200 से अधिक रन बनाने होंगे। बता दें कि इसी टूर्नामेंट के सुपर-8 स्टेज में भारत को इसी मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से 76 रनों की करारी हार झेलनी पड़ी थी, जो टीम इंडिया के लिए एक चेतावनी की तरह है।

क्या इतिहास दोहराएगा खुद को?

1,32,000 दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम भारत के लिए पिछले कुछ बड़े मुकाबलों में भाग्यशाली नहीं रहा है। 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल की हार आज भी फैंस के जेहन में ताजा है। अब देखना यह होगा कि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में युवा ब्रिगेड इन पुराने आंकड़ों और पाकिस्तानी दिग्गजों की भविष्यवाणियों को गलत साबित कर पाती है या नहीं।

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