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नई दिल्ली: देश में जल्द ही हर बैंक को एक अलग सिंगल नैशनल नंबर मिल सकता है। इस पर कस्टमर्स कॉल भी कर सकेंगे। सूत्रों का कहना है कि ये बदलाव ग्राहकों को बैंकों की पहचान करने और धोखाधड़ी से बचाने में मदद करेगा। बैंकों ने सरकार से ‘1600xx’ सीरीज के साथ एक इंडिविजुअल कॉलिंग नंबर मांगा है। इसे जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

  1. क्या होगा फायदा?
    एक अधिकारी ने बताया कि हर बैंक के लिए एक नैशनल नंबर और उस नंबर पर इनकमिंग कॉल की सुविधा से ग्राहकों की सुरक्षा और अनुभव बेहतर होगा। उन्होंने आगे कहा कि हमने सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) दोनों से इस बारे में बात की है। जल्द ही इस मामले में साफ-साफ निर्देश मिलने की उम्मीद है।
  2. अभी क्या है सुविधा?
    अभी बैंक ग्राहकों तक पहुंचने के लिए 1600xx सीरीज के कई नंबर इस्तेमाल करते हैं। इन पर इनकमिंग कॉल की सुविधा नहीं है। RBI ने जनवरी में सर्कुलर जारी कर बैंकों को ट्रांजेक्शन के लिए सिर्फ ‘1600xx’ और प्रमोशनल कॉल के लिए ‘140xx’ नंबर सीरीज इस्तेमाल करने का निर्देश दिया था।
  3. क्या कहते हैं अधिकारी?
    इस मामले में एक बैंक अधिकारी ने बताया कि हमने 1600xx सीरीज के इस्तेमाल को लेकर आरबीआई से और भी स्पष्टता की मांग की है। इसमें इन नंबरों पर इनकमिंग कॉल की सुविधा और उन ग्राहकों के लिए छूट शामिल है, जिन्होंने बैंकों से संपर्क करने की सहमति दी है।
  4. रिकवरी एजेंट्स पर क्या होगा?
    बैंक आधिकारिक तौर पर कर्ज चुकाने के लिए आने वाली कॉलों को 1600xx सीरीज के नंबर से अलग करने की छूट भी मांगने वाले हैं। अधिकारी ने कहा कि कई बार बैंक रिकवरी का काम आउटसोर्स करते हैं। ऐसे में क्या थर्ड पार्टी रिकवरी एजेंट्स को भी 1600xx सीरीज का इस्तेमाल करना होगा? इस बारे में स्पष्टता चाहिए। इकॉनमिक टाइम्स ने फरवरी में बताया था कि इंडस्ट्री बॉडी, डिजिटल लेंडर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया ने RBI को पत्र लिखकर पूछा है कि क्या लोन चुकाने और रिकवरी से जुड़े कॉल को नियम से बाहर रखा जा सकता है।

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