मध्य प्रदेश में बीयर संकट का फायदा उठा रहे शराब माफिया, 50 से 80 रुपये महंगे दामों पर बेच रहे

भोपाल। मध्य प्रदेश में बीयर का सीमित स्टॉक है। प्रीमियम ब्रांड की बीयर ही नहीं मिल रही है। इसका लाभ उठाते हुए शराब विक्रेता दुकानों पर 50 से 80 रुपये महंगी बीयर बेच रहे हैं। शराब के प्रीमियम ब्रांड का भी यही हाल है। यह भी एमएसपी और एमआरपी से अधिक दामों पर बेची जा रही है। राजधानी भोपाल में ही शराब ठेकेदारों की मनमर्जी चल रही है। यहां एमपी नगर, आइएसबीटी, पांच नंबर शिवाजी नगर और चूनाभट्टी शराब दुकानों पर अधिक मूल्य में शराब बेची जा रही है।

हालांकि राज्य आबकारी आयुक्त ने दुकानों पर क्यूआर कोड चस्पा करने के निर्देंश दिए हैं। पहले भी इस तरह से निर्देश जारी किए गए, लेकिन आबकारी अधिकारी इसका पालन ही नहीं करा पाए। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत का प्रविधान है लेकिन बिना निराकरण के शिकायत बंद कर दी जाती है। मध्य प्रदेश में बीयर के बढ़ते संकट को देखते हुए आबकारी मुख्यालय ने पहले ही अन्य राज्यों में बीयर के निर्यात पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही प्रदेश में नई शराब दुकानों के संचालन के शुरुआती माह में ही सप्लाई और बिलिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।ग्रीष्म ऋतु में बीयर सीजन का पीक पीरियड होता है। लेकिन दुकानों पर बीयर और प्रीमियम ब्रांड्स उपलब्ध नहीं है। इधर, सोम डिस्टलरी गड़बड़ी के आरोपों के बाद बंद पड़ी है। प्रदेश में 40 से 50 प्रतिशत बीयर की पूर्ति सोम ही करता है। इससे भी बीयर की सप्लाई प्रभावित हुई है।

भोपाल संभाग के आबकारी सहायक आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ का कहना है कि भोपाल ही नहीं पूरे प्रदेश की ही यही स्थिति है। सारे ब्रांड दुकानों पर नहीं मिलेंगे। इसकी समय पर पर्याप्त पूर्ति की जा सके इसके प्रयास हम लगातार कर रहे हैं। यह बात भी सही है कि सीमित स्टॉक का शराब विक्रेता लाभ उठा रहे है। शिकायतों पर कार्रवाई कर रहे हैं। उड़नदस्ता ने 18 से 20 प्रकरण बनवाएं हैं। 25 अप्रैल से अब तक आठ प्रकरण बनाकर अर्थदंड की लगाया गया है।

एमएसपी से कम और एमआरपी से अधिक दामों पर शराब बेचना नियमानुसार दंडनीय है। हमने निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ता की सुविधा के लिए दुकानों पर क्यूआर कोड चस्पा कर शराब का वास्तविक मूल्य प्रदर्शित किया जाए। जहां अधिक मूल्य पर शराब विक्रय की शिकायतें मिल रही है कार्रवाई की जा रही है। -दीपक सक्सेना, आयुक्त, मप्र आबकारी।

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