सामने रोकी कार तो भड़का साधू, एडिशनल पब्लिक प्रोसीक्यूटर पर किया त्रिशूल से हमला, अधिकारी लहुलूहान

भोपाल। मिसरोद थाना क्षेत्र में एक क्रोधित साधु ने जिला न्यायालय में पदस्थ एक एडिशनल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर पर त्रिशूल से वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गए। एडिशनल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर अपने परिवार के साथ नर्मदापुरम रोड से अपने घर बागसेवनिया की ओर जा रहे थे। वह बापू की कुटिया के पास चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल पर लाल बत्ती होते ही रुक गए।इसी दौरान साधु भी सड़क पार कर रहे थे। उन्हें कार से हादसा होने की शंका हुई तो पहले त्रिशूल मारकर ड्राइवर विंडो का कांच तोड़ा और फिर वहां बैठे अधिकारी पर हमला कर दिया, जिससे त्रिशूल उनके बाएं हाथ पर लगा। लोगों की समझाइश के बाद साधु का गुस्सा शांत हुआ।
ट्रैफिक सिग्नल पर जानलेवा हमला
मिसरोद पुलिस ने साधु के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया है। एएसआई चेतन गुप्ता के अनुसार 52 वर्षीय नारायण सिंह ठाकुर पिता स्वर्गीय शंकर सिंह ठाकुर बागसेवनिया थाना क्षेत्र स्थित रजत विहार कालोनी में रहते हैं। वह भोपाल जिला न्यायालय में एडिशनल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर (अपर लोक अभियोजक) हैं। नारायण सिंह ठाकुर सोमवार को परिवार के साथ नर्मदा स्नान के लिए गए थे। वापस दोपहर करीब एक बजे जब वह लौट रहे थे, तभी मिसरोद क्षेत्र में बापू की कुटिया रेस्टोरेंट के सामने पहुंचे तो ट्रैफिक सिग्नल पर लाल बत्ती हो गई। जिस कारण नारायण सिंह ठाकुर ने कार रोक ली।
कहासुनी के बाद साधु ने कार पर बरसाया त्रिशूल
कार वहां से गुजर रहे साधु के ठीक सामने जाकर खड़ी हो गई। साधु ने कुछ बात कही तो नारायण ने भी जवाब दिया। इसी बात को लेकर कहासुनी हुई और साधु ने क्रोधित होकर कार की ड्राइविंग के कांच पर त्रिशूल से हमला कर दिया। वहीं दूसरा वार सीधे नारायण सिंह के चेहरे पर किया। हालांकि उन्होंने बचने के लिए अपना बायां हाथ आगे कर दिया तो उस पर चोट लगी और खून बहने लगा। आसपास मौजूद लोगों की समझाइश और पुलिस के पहुंचने पर मामला शांत हुआ।
पुलिस ने आरोपी साधु को लिया हिरासत में
मिसरोद पुलिस ने केस दर्ज कर साधु से पूछताछ की। उन्होंने अपना नाम अरविंद चौधरी बताया है। वह मूलतः रायसेन के गैरतगंज के रहने वाले हैं और फिलहाल दक्षिणा लेकर जीवन यापन करते हैं।





