अक्षय कुमार बोले- बेटे आरव को 6 साल तक विद्या बालन से लगता रहा डर, वो उनकी आंखों में नहीं देखता था

इन दिनों अक्षय कुमार अपनी अपकमिंग फिल्म ‘भूत बंगला’ को लेकर काफी चर्चा में हैं। सोशल मीडिया के साथ-साथ वो प्रियदर्शन की इस फिल्म का प्रमोशन देश के अलग-अलग शहरों में जाकर कर रहे हैं। हाल ही में अक्षय प्रमोशनल इवेंट में दिल्ली में नजर आए। उन्होंने अपने बेटे आरव और विद्या बालन की एक कहानी भी शेयर की।

अक्षय कुमार प्रियदर्शन की फिल्म ‘भूत बंगला’ इस शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। हाल ही में दिल्ली में फिल्म के प्रमोशन में अक्षय कुमार ने बताया कि यह ‘भूल भुलैया’ से कैसे अलग है। अक्षय ने एक किस्सा सुनाया और बताया कि साल 2007 में ‘भूल भुलैया’ देखने के बाद 

अक्षय कुमार ने बताया, ‘भूत बंगला’ और ‘भूल भुलैया’ के बीच अंतर

हिंदुस्तान टाइम्स से हुई हालिया बातचीत में अक्षय ने बताया कि उनका बेटा छह साल तक विद्या बालन से डरता रहा। एक्टर ने बताया कि ‘भूल भुलैया’ देखने के बाद आरव ने विद्या बालन को लेकर क्या कहा था। ‘भूत बंगला’ और ‘भूल भुलैया’ के बीच अंतर बताते हुए अक्षय कुमार ने कहा, ‘भूत बंगला एक हॉरर फैंटेसी फिल्म है, यह डिज्नी फिल्म जैसी है। भूल भुलैया एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर थी। फिल्म की शुरुआत में ही पता चलता है कि उस पर किसी आत्मा का साया है और बाद में पता चलता है कि यह एक मानसिक समस्या है। लेकिन भूत बंगला की बात करें तो इसमें हमने बताया है कि वधूसुर कैसे आया और वह ऐसा क्यों कर रहा है। यह फिल्म बच्चों के लिए भी है।’

अक्षय ने बताया- बेटे को क्यों लगता था विद्या बालन से डर

अक्षय कुमार ने इसी दौरान बताया कि ‘भूल भुलैया’ देखने के बाद उनके बेटे आरव को छह साल तक विद्या बालन से डर लगता रहा था। उन्होंने पूरी कहानी सुनाते हुए कहा, ‘मैं अपने बेटे आरव से बात कर रहा था और उसने मुझे बताया कि जब उसने पहली बार भूल भुलैया देखी तो वो छह साल तक विद्या बालन से डरता रहा था। जब भी वह घर आतीं आरव उनसे मिलने से इनकार कर देता। वो उनकी आंखों में नहीं देखता था। दरअसल, मेरे बेटे को हमेशा विद्या बालन में मंजुलिका की झलक दिखाई देती थी। उसे विद्या बालन से काफी परेशानी होने लगी थी।’ उनके बेटे ने क्या रिएक्शन दिया था।

‘मुझे आरव को समझाना पड़ा कि विद्या बालन मंजुलिका नहीं’

अक्षय ने ये भी बताया कि आखिर कैसे उन्होंने बेटे को इस डर से बाहर निकालने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘मुझे आरव को समझाना पड़ा कि विद्या बालन मंजुलिका नहीं, विद्या बालन हैं और एक अच्छी इंसान हैं। हालांकि वो कभी नहीं माना। छह साल तक विद्या बालन को लेकर आरव के मन में गहरा डर बैठा रहा।’

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